आतंकी गतिविधियों में दक्षिणपंथी समूहों की संदिग्ध भूमिका की पड़ताल शुरू करते हुए राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआइए) ने मक्का मस्जिद, अजमेर शरीफ और मालेगांव धमाका मामलों की जांच अपने हाथ में ले ली है। अभिनव भारत नामक संगठन के सदस्यों पर इन विस्फोटों में शामिल होने का आरोप है। केंद्रीय गृह मंत्रालय को सीबीआइ और राजस्थान सरकार की सहमति मिलने के बाद एनआइए ने मामले दर्ज किए। एनआइए अधिकारियों ने कहा कि मक्का मस्जिद, अजमेर शरीफ और मालेगांव में 2006 में हुए विस्फोट के सिलिसिले में तीन मामले दर्ज किए गए हैं। 2008 के मालेगांव धमाके सहित अन्य मामलों में केस बाद में दर्ज किया जाएगा। हालांकि मध्य प्रदेश सरकार ने समझौता एक्सप्रेस विस्फोट के आरोपी सुनील जोशी की हत्या की जांच सौंपने से इंकार कर कथित हिन्दू आतंकी समूहों से संबंधित सभी मामलों की संयुक्त जांच कराए जाने के गृह मंत्रालय के प्रयासों में अवरोध खड़ा कर दिया है। केंद्र ने मध्यप्रदेश सरकार से कहा था कि वह जोशी हत्याकांड की जांच एनआइए को सौंप दे, लेकिन राज्य सरकार ने कहा कि मामले की जांच पूरी हो चुकी है और अदालत में आरोप पत्र दायर हो चुका है। गृह मंत्रालय ने तीन मामलों की जांच एनआइए से कराने के लिए अधिसूचना जारी की थी, जिनमें दक्षिणपंथी आतंकी समूहों की कथित संलिप्तता की बात कही जा रही है। एनआइए समझौता एक्सप्रेस में हुए विस्फोट की पहले से ही जांच कर रही है|
No comments:
Post a Comment