Tuesday, March 22, 2011

हिंदू आतंक के मामले एनआइए जांचेगी


राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) प्रचारक सुनील जोशी की हत्या के मामले में मध्य प्रदेश की सहमति नहीं मिलने के बावजूद केंद्र सरकार इसकी जांच राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआइए) को सौंपने जा रही है। जल्दी ही जोशी हत्याकांड सहित आतंकवाद के ऐसे कई मामलों को इसे सौंपा जा रहा है। इनमें वे मामले भी शामिल हैं जिनमें केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआइ) पहले से ही जांच कर रहा है। हालांकि पिछले ही दिनों हुए विकिलीक्स खुलासे के अनुसार गृहमंत्री पी. चिदंबरम का मानना है कि एनआइए को राज्य की सहमति बिना जांच सौंपना संविधान के संघीय ढांचे के खिलाफ है। गृह मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारियों के मुताबिक समझौता धमाके की ही तरह इस तरह के दूसरे सभी मामले एनआइए को जल्दी ही सौंप दिए जाएंगे। इसमें मध्य प्रदेश में सुनील जोशी हत्याकांड भी शामिल है। हालांकि इस मामले की जांच कर राज्य पुलिस पहले ही आरोपपत्र दाखिल कर चुकी है। इसमें साध्वी प्रज्ञा सिंह ठाकुर का भी नाम है। साध्वी को समझौता धमाके में भी आरोपी पाया गया है। गृह मंत्रालय एनआइए को यह जांच सौंपने से पहले कानून मंत्रालय की सलाह का इंतजार कर रहा है। गृह मंत्रालय ने कानून मंत्रालय से कुछ समय पहले इस बारे में कानूनी स्थिति समझनी चाही थी। क्योंकि मध्य प्रदेश सरकार ने यह मामला एनआइए को सौंपने के केंद्र के अनुरोध को नहीं माना है। जबकि एनआइए कानून के मुताबिक आंतकवाद से जुड़े किसी भी मामले की जांच केंद्र बिना राज्य की सहमति के ही इसे सौंप सकती है। लेकिन पिछले दिनों ही हुए विकिलीक्स खुलासे में यह तथ्य सामने आया था कि गृह मंत्री पी. चिदंबरम ने यह कानून बनने के तुरंत बाद अमेरिकी राजदूत के साथ बातचीत में उन्हें बताया था कि यह कानून भारत की संघीय भावना के खिलाफ है इसलिए अगर इसे कानूनी चुनौती मिली तो समस्या आ सकती है। सभी मामलों को एनआइए को सौंपने के पीछे गृह मंत्रालय का तर्क है कि पिछले कुछ साल के दौरान हुए एक जैसे कई मामलों की जांच कई अलग-अलग एजेंसियां कर रही हैं। मालेगांव में हुए एक धमाके की जांच सीबीआइ के पास है, जबकि वहीं हुए दूसरे मामले की जांच राज्य पुलिस कर रही है। इसी तरह 2007 में ही हुए मक्का मस्जिद धमाके की जांच सीबीआइ के पास है, वहीं अजमेर धमाके की गुत्थी सुलझाने की जिम्मेदारी राजस्थान एटीएस के पास है। इससे जांच प्रभावित होती है और अदालती कार्यवाही में भी समस्या आती है|

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